Sundar Kand PDF In Hindi

 

PDF NameSundar Kand PDF (सुन्दर काण्ड पीडीऍफ़)
PDF Size204 KB
Total Page64
PDF LangaugeHindi
Sourcehttps://hanumanchalisa.help/
CategoryAarti,Dhun,Chalisa

Sundar Kand In Hindi PDF Download Link Is Given Below ( सुन्दर कांड हिंदी में का PDF का डाउनलोड लिंक निचे दिया गया है. )

SUndar Kand PDF

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Sort Details Of  Sundar Kand PDF

Sundar Kand PDF रामचरितमानस का एक अभिन्न अंग है | कहा जाता है की इस सुन्दरकाण्ड को पढने मात्र से सम्पूर्ण रामचरित मानस का फल प्राप्त हो जाता है | सुन्दर कांड रामचरित मानस का पंचम सोपान है, जिसके अंतर्गत 3 श्लोक है, 60 दोहे है और 526 चोपाईया है | सुन्दरकाण्ड का पाठ जिसके विषय में कहा जाता है की

सुन्दरे सुन्दरो रामः सुन्दरे सुन्दरी कथा, सुन्दरे सुन्दरी सीता सुन्दरे सुन्दरं वनम् ।

सुन्दरे सुन्दरं काव्यं सुन्दरे सुन्दरः कपिः, सुन्दरे सुन्दरं मन्त्रं सुन्दरे किं न सुन्दरम् ॥

मतलब की सुन्दर में क्या सुन्दर नहीं है, इसको पढने से मन चरित्र, वाणी, बुद्धि सब कुछ पवित्र और सुन्दर हो जाता है | इसलिए सुन्दर कांड का पाठ बहोत ही ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है | सुन्दर कांड के पाठ की विधि हमने निचे बताई गई है |

Sundar Kand PDF में हनुमानजी द्वारा समुद्रलंघन करके लंक पहुचना, सुरसा-वृत्तान्त, लंकापुरी वर्णन, रावण के अन्त:पुर में प्रवेश तथा वहाँ का सरस वर्णन, अशोकवाटिका में प्रवेश तथा हनुमान के द्वारा सीता का दर्शन, सीता-रावण-संवाद, सीता को राक्षसियों के तर्जन की प्राप्ति, सीता-त्रिजटा-संवाद, स्वप्न-कथन, शिंशपा वृक्ष में अवलीन हनुमान का नीचे उतरना तथा सीता से अपने को राम का दूत बताना, राम की अंगूठी सीता को दिखाना, “मैं केवल एक मास तक जीवित रहूँगी उसके पश्चात नहीं” ऐसा सन्देश सीता के द्वारा हनुमान को देना, लंका के चैत्य-प्रासादों को उखाड़ना तथा राक्षसों को मारना आदि हनुमान जी कृत्य वर्णित हैं।

इस काण्ड में अक्षकुमार का वध, हनुमान का मेघनाद के साथ युद्ध, मेघनाद के द्वारा ब्रह्मास्त्र से हनुमान का बन्धनपूर्वक रावण के दरबार में प्रवेश, रावण-हनुमान-संवाद, विभीषण के द्वारा दूतवध न करने का परामर्श, हनुमान की पूँछ जलाने की आज्ञा, लंका-दहन, हनुमानजी का सीता-दर्शन के पश्चात प्रत्यावर्तन, समाचार-कथन, दधिमुख-वृत्तान्त, हनुमान के द्वारा सीता से ली गई काञ्चनमणि राम को समर्पित करना, तथा सीता की दशा आदि का वर्णन किया गया है। इस काण्ड में 68 सर्ग हैं। इनमें 2,855 श्लोक दृष्टिगत होते है। धार्मिक दृष्टि से काण्ड का पारायण समाज में बहुधा प्रचलित है। बृहद्धर्मपुराण में श्राद्ध तथा देवकार्य में इसके पाठ का विधान है।* सुन्दरकाण्ड में हनुमच्चरित का प्रतिपादन होने से हनुमान जी के भक्त इस काण्ड का श्रद्धापूर्वक पाठ करते हैं। वास्तव में सुन्दरकाण्ड में सब कुछ रमणीय प्रतीत होता है |

Sundar Kand Path Ki Vidhi

सुन्दरकाण्ड के पाठ की विधि को लेकर कयास लगाया जाता हा की यह पाठ केवल ही केवल पुरुषो को ही करना चाहिए, स्त्री को नहीं करना चाहिए | तो ये तद्दन गलत  है, इस सुन्दरकाण्ड का पाठ स्त्री और पुरुष भी कर शकता है | एक और कयास या शंका जताई जाती है की सुन्दरकाण्ड का का पाठ प्रातः काल को नहीं करना चाहिए, ये भी वाहियात बात है क्यूंकि ये इसका पाठ कभी भी किया जा शकता है |

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस का एक अंग सुन्दरकाण्ड है | जिसमे हनुमान जी की उपलब्धि,सफलता तथा सिद्धि का वर्णन किया गया है | सनातन हिन्दू धर्म में श्री राम भक्त हनुमानजी को प्रसन्न करने के कई उपाय है जिसमे से सुन्दरकाण्ड का पाठ करके हनुमान जी का स्मरण करना सबसे उतम माना जाता है | एशि मान्यता है की जो जातक लगातार ४१ सप्ताह तक प्रत्येक मंगलवार सुन्दरकाण्ड का विधिपूर्वक पाठ पूरी श्रद्धा से करते है उनकी बड़े से बड़े कार्य सहज ही तथा बिना किसी बाधा के सिध्र ही पुरे हो जाते है | तथा हनुमानजी की विशेष कृपाद्रस्टी बनी रहती है |

सुन्दरकाण्ड पाठ की विधि लिए जरुरी सामग्री 

  • एक लाल कलर का वस्त्र
  • श्रीराम दरबार की या हनुमान जी की मूर्ति
  • श्रीरामचरित मानस
  • शालिग्राम भगवान की मूर्ति
  • एक पात्र में जल
  • पुष्प तथा पुष्पमाला
  • धुप, दीप और घी
  • अक्षत
  • चन्दन
  • प्रशाद

सुन्दरकाण्ड पाठ की सम्पूर्ण विधि

  • घर की पूर्व दिशा को स्वच्छ कर के गंगाजल से पवित्र कर ले |
  • एक चौकी की स्थापना करे |
  • चौकी पर नया लाल वस्त्र बिछाए |
  • श्रीराम दरबार या हनुमान जी की मूर्ति को चौकी पर स्थापित करे |
  • चौकी के ठीक सामने आसन बिछाकर बैठ जाये |
  • घी का दीपक की प्रज्वलित करे |
  • धुप लगाये |
  • मुर्तिया पर तिलक करे |
  • अक्षत अर्पित करे |
  • पुष्प अर्पित करे और जल के छीटे लगाये |
  • दाए हाथ में थोडा जल, अक्षत और पुष्प लेकर इस प्रकार से संकल्प ले,
    • ॐ श्री विष्णु, ॐ श्री विष्णु, ॐ श्री विष्णु, हे प्रभु में (अपना नाम ), गोत्र (अपना गोत्र), अपने (जो कार्य हो या प्रार्थना हो वह बोले ) कार्य की सिद्धि हेतु सुन्दरकाण्ड के पाठ करने का कार्य कर रहा हु ,
    • हे परमेश्वर, मेरे कार्य में मुझे सम्पूर्ण सहायता प्रदान करे तथा आपकी कृपा से मेरा कार्य बिना किसी बाधा के सीघ्र पूर्ण करे | एसा कहते हुए जल,अक्षत और पुष्प को भूमि पर रख दे तथा फिर ससे बोले ॐ श्री विष्णु, ॐ श्री विष्णु, ॐ श्री विष्णु |
  • श्री गणेशजी के स्तुति मन्त्र द्वारा उनका स्मरण करे |
  • अपने कुल देवता का स्मरण करे |
  • तिन बार भगवन श्री राम का नाम ले | और जय लगाये |
  • अब हनुमान जी के स्तुति मन्त्र द्वारा हनुमान जी का स्मरण करे |
  • अब आप सुन्दर कांड का पठान शुरू करे |
  • बिच बिच में दोहे पुरे होने के बाद राम सिया राम सिया राम जय जय राम का स्मरण करे |
  • सुन्दर काण्ड का पाठ पूर्ण होने पर हनुमान चालीसा, हनुमान जी की तथा श्रीराम जी की आरती करे |
  • तथा प्रसाद का धुप देकर उस प्रसाद को ग्रहण करे और प्रसाद को बाट दे |

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Sundar Kand Gita Gorakhpur In Hindi PDF Download

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